अध्याय 103

कमरे के उस पार से साइमन ने ओलिवर की तरफ भौंह उठाई। “ये तुम्हारे दादाजी की सुलेख-कला की ही बात कर रहे हैं। उनके मान-सम्मान के लिए कुछ बोलोगे नहीं?”

वह साफ़ तौर पर कैरोलिन के लिए मुसीबत खड़ी करना चाहता था, मगर ओलिवर के मन में अपनी ही बात थी। उसकी अंतःप्रेरणा कहती थी कि कैरोलिन का इरादा अपमान करने का ...

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